रतलाम 10 जून (आरएनएस)।मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने रतलाम आगमन के दौरान सर्किट हाउस में चर्चा करते हुए मानव अधिकारों के संरक्षण को शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उसके अधिकारों का संरक्षण मिलना आवश्यक है और इसी दिशा में आयोग कार्यवाही करता है।
म प्र मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, के रतलाम अल्प प्रवास पर पहुँचने पर सर्किट हाउस में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मानव अधिकार प्रकरण एवं ज्वलंत समस्याओं पर समीक्षा बैठक कर निर्देश दिये ।
बैठक में डॉ. सिंह ने प्रभारी कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन एवं आयुक्त नगर निगम अनिल भाना से जिले में दूषित पेयजल एवं पेयजल संबंधी शिकायतों के निराकरण की जानकारी प्राप्त की। इस पर सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर पेयजल स्रोतों की जांच की जाती है। जो हैंडपंप या जलस्रोत पेयजल योग्य नहीं पाए जाते हैं, उन पर रेड मार्किंग की जाती है तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। साथ ही डॉ. सिंह ने राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर बल देते हुए लंबित प्रकरणों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
डॉ. सिंह ने कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा केवल आयोग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि शासन, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। मानव अधिकार नागरिकों का संवैधानिक दायित्व है इसलिए मानव अधिकारों का संरक्षण प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, आयोग ने विशेष रूप से पेयजल आपूर्ति, लम्बित राजस्व प्रकरणों, पुलिस प्रकरणों आदि की स्थिति पर जानकारी मांगी एवं लंबित प्रकरणों पर तत्परता से प्रभावी कार्रवाई कर आयोग को सूचित किया जाए।
डॉ. सिंह ने विश्वास जताया कि प्रशासनिक अमला मानव अधिकारों के संरक्षण और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करेगा।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल, एसडीएम आर्ची हरित, परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लौरे उपस्थित थे।

