सिरसा 15 जून (आरएनएस)। श्री बांके बिहारी जी कि असीम कृपा से व योगाचार्य पंडित सीताराम के आशीर्वाद से धर्मनगरी सिरसा के प्रभात पैलेस में श्री बंशीवट कथा समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा प्रसंग का श्रद्धा, उल्लास व भावुक क्षणों के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन कथास्थल पर हवन यज्ञ किया गया, जिसमें उपस्थित सभी महानुभावों ने आहूति डालकर पुण्य कमाया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक सुगन शर्मा ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने भक्त नरसी के जीवन प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान को पुकारता है, तब प्रभु स्वयं उसकी रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं। उन्होंने बताया कि संकट की घड़ी में नरसी की पुकार सुनकर भगवान श्रीकृष्ण, मां राधा व रुक्मिणी के साथ प्रकट हुए व स्वयं भाई का कर्तव्य निभाते हुए नानी बाई का मायरा भरा। कथा का यह प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। पूरा वातावरण जयकारों व भक्ति भाव से गूंज उठा। तीन दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में श्री बंशीवट कथा समिति के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस मौके पर श्री बंशीवट मंदिर कथा समिति के प्रधान राधे श्याम बंसल, उप प्रधान सुनील गोयल, संजय तायल, रामकुमार जैन, दयानन्द वर्मा, संदीप सोनी, संजय गोयल, अश्विनी उपवेजा, दीपक शर्मा, मुनीष शर्मा, तरुण बगडिय़ा, राजेंद्र जिंदल, राम अवतार भोलू सरिया सहित सैकड़ों प्रभु प्रेमियों ने उपस्थिति दर्ज की।
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